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Bihar Police Exam: नकल और फर्जीवाड़े पर बड़ी कार्रवाई, 12 अभ्यर्थी गिरफ्तार, दरभंगा से सामने आए सबसे अधिक मामले

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बिहार पुलिस रेडियो सिपाही भर्ती परीक्षा में कदाचार के आरोप में 12 अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी हुई है। 17 परीक्षार्थियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई, दरभंगा में सबसे अधिक मामले सामने आए।

पटना/आलम की खबर:बिहार पुलिस रेडियो में सिपाही पदों पर भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में कदाचार और फर्जीवाड़े के प्रयास का मामला सामने आया है। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए किए गए कड़े इंतजामों के बावजूद राज्य के कई जिलों में कुछ अभ्यर्थियों ने नियमों को तोड़ने की कोशिश की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 12 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुल 17 परीक्षार्थियों के खिलाफ अलग-अलग जिलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की ओर से आयोजित इस परीक्षा में पटना समेत राज्य के कई जिलों में बनाए गए केंद्रों पर निगरानी की विशेष व्यवस्था की गई थी। परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक जांच और अन्य तकनीकी साधनों का इस्तेमाल किया गया था। इसी निगरानी व्यवस्था के कारण कई केंद्रों पर कदाचार के प्रयास को समय रहते पकड़ लिया गया।

पुलिस और परीक्षा एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के नौ जिलों में कुल 11 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें पटना, नवादा, कैमूर, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, दरभंगा, कटिहार, मुंगेर और खगड़िया शामिल हैं। इन मामलों में नामजद किए गए 17 अभ्यर्थियों में से 12 को मौके से ही पकड़ लिया गया।

दरभंगा में सबसे ज्यादा मामले सामने आए

इस परीक्षा में अनियमितता के सबसे अधिक मामले दरभंगा जिले से सामने आए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दरभंगा में छह अभ्यर्थियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा कैमूर जिले के भभुआ में तीन और नवादा में दो परीक्षार्थियों पर कार्रवाई की गई है।

दरभंगा सहित कई जिलों में हुई कार्रवाई से साफ है कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय था। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की शुरुआत से पहले ही सभी केंद्रों को सुरक्षा और निगरानी को लेकर विशेष निर्देश दिए गए थे।

बेतिया में हाईटेक तरीके से नकल का प्रयास

पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित एक परीक्षा केंद्र पर नकल का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां एक अभ्यर्थी ने बेहद छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के जरिए परीक्षा में अनुचित लाभ लेने की कोशिश की। जांच के दौरान उसके पास से एक छोटा डिजिटल डिवाइस बरामद किया गया।

बताया गया कि अभ्यर्थी ने डिवाइस को इस तरह छिपाया था कि सामान्य जांच में पकड़ना मुश्किल था। हालांकि परीक्षा केंद्र पर तैनात कर्मचारियों की सतर्कता के कारण उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर गई और जांच के बाद मामला सामने आया।

इस घटना के बाद परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से ऐसे प्रयासों को रोकने में काफी मदद मिली है।

कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हुई परीक्षा

बिहार पुलिस रेडियो सिपाही भर्ती परीक्षा को कदाचार मुक्त कराने के लिए इस बार कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। इसके अलावा बायोमेट्रिक उपस्थिति, वीडियोग्राफी और अन्य तकनीकी जांच की व्यवस्था भी की गई थी।

राज्य स्तर पर परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए विशेष कंट्रोल सेंटर बनाया गया था, जहां से परीक्षा की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, इसी निगरानी प्रणाली के कारण कुछ अभ्यर्थियों द्वारा किए जा रहे गलत प्रयासों को पहचानने में सफलता मिली।

993 पदों के लिए हुई थी परीक्षा

बिहार पुलिस रेडियो में सिपाही ऑपरेटर के 993 पदों पर नियुक्ति के लिए यह लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। आयोग की ओर से 2 लाख 82 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे।

परीक्षा एक ही पाली में आयोजित की गई थी। प्रशासन का कहना है कि कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर पूरे राज्य में परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

परीक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त

बिहार में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने को लेकर लगातार सख्ती बढ़ाई जा रही है। पुलिस और परीक्षा बोर्ड दोनों की ओर से साफ किया गया है कि किसी भी तरह की नकल, फर्जीवाड़ा या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई से उन अभ्यर्थियों को भी संदेश गया है जो गलत तरीकों से परीक्षा में सफलता हासिल करने की कोशिश करते हैं। प्रशासन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष रखने के लिए तकनीक और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

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बिहार में सरकारी नौकरी और भर्ती से जुड़ी खबरें:

बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा में कदाचार के खिलाफ हुई कार्रवाई यह दिखाती है कि अब प्रतियोगी परीक्षाओं में निगरानी व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत हो गई है। तकनीक के इस्तेमाल से परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों की पहचान आसान हो रही है।

दरभंगा समेत कई जिलों में सामने आए मामले चिंता का विषय जरूर हैं, लेकिन प्रशासन की त्वरित कार्रवाई यह भी बताती है कि गलत तरीके अपनाने वालों को आसानी से बच निकलने का मौका नहीं मिलेगा।

सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के हित में जरूरी है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रहे।

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